जालौन। सर्वप्रथम तो ‘सुरभि संदेश’ के पाठकों को उनके इष्ट मित्रों, शुभचिंतकों एवं परिजनों को खुशियों के पर्व दीपकोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं। ‘सुरभि संदेश’ परिवार ईश्वर से कामना करता है कि कोरोना महामारी से अस्त व्यस्त हुए सभी के जीवन में पुनः खुशियों की बहार आए और इस महामारी से शीघ्र ही भारत भूमि ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व मुक्त हो।
पूरा पढ़ें‘सुरभि संदेश’ हमेशा से ही समाज में महिलाओं की भूमिका को लेकर सजग रहा है। ‘सुरभि संदेश’ के लोकप्रिय आलेख ‘सुरभि सबला’ के माध्यम से निरंतर महिलाओं के प्रगति और दुरूह परिस्थितियों में उनके जज्बे को प्रकाशित करते रहे हैं। ताकि समाज की अन्य महिलाएं भी प्रेरणा पाकर अपने जीवन स्तर को ऊंचा उठा सकें। अब नारी भोग विलास की वस्तु मात्र नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक क्षेत्र में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।
पूरा पढ़ेंरामराजा निरंजन द्वारा उपलब्ध कराई गई हृदयस्पर्शीे कहानी
पूरा पढ़ेंह सुनकर वह कार का दरवाजा खोलते हुए आगे की सीट पर सलीके से बैठ गई। जब कार चलने लगी तो वह कनखियों से मुझे देख रही थी। मुझे इसका भान था, वह देखने में वह बहुत ही सुंदर और आकर्षक थी। मैं कार चला रहा था और हम दोनों में से बोल कोई नहीं रहा था। लेकिन मन ही मन एक दूसरे के बारे में सोच रहे थे। उसने मुझे अपने घर का पता बताया और मुझे वहां तक जाने में आधा घंटा का समय लगा।
पूरा पढ़ेंबिना डकार मारे चारा कैसे हजम करें विषय पर लालू, पप्पू होने के बाद भी प्रधानमंत्री बनने के सपने कैसे देखें विषय पर राहुल, पिता की विरासत पर कैसे लुटिया डुबाएं विषय पर अखिलेश, फेंकने की कला में कैसे माहिर हों विषय पर मोदी, टिकट बंटवारे में रुपये कैसे वसूलें विषय पर मायावती, धरना कैसे दें और थप्पड़ खाकर कैसे लोगों की सहानुभूति बटोरें विषय पर केजरीवाल, मजदूर हितों की बात की भावनाओं को कैसे भड़काएं विषय पर ममता साथ ही राजीनीति का कखग न आने के बाद भी सीधे रसोईघर से मुख्यमंत्री बनकर प्रदेश का कैसे बेड़ागर्क कैसे करें विषय पर राबड़ी आदि धुरंधरों के व्याख्यान हमारे यहां कराए जाएंगे। हाल ही में हमने एक अंतर्राष्ट्रीय हस्ती ट्रंप को भी नियुक्त किया है जो चुनाव हारने के बाद भी जीते हुए प्रत्याशी को झूठा बनाने के गुण और येन केन प्रकारेण सत्ता न छोड़ने के गुण भी सिखाएंगे।
पूरा पढ़ेंहाय बैरी ! ये जमाना जुल्म, उस पर ढहा रहा था । बन गई थी अब वो विधवा, फिर भी उसे सजा रहा था ।। -कृष्णा शिवहरे
पूरा पढ़ें