अंदर दिखने वाले नजारे ने सभी के रौंगटे खड़े कर दिए। जिस कमरे में तीनों थे उस कमरे में बिल्कुल भी रोशनी नहीं थी। पूरे कमरे से बासी खाने और मल व मूत्र की दुर्गंध आ रही थी। कमरे के चारों ओर समाचार पत्र और अन्य सामान इधर उधर बिखरा पड़ा था। एक कोने में मल का ढेर लगा था। तीनों भाई बहनों के बाल कमर के नीचे तक आ रहे थे। युवा होने के बावजूद तीनों पर बुढ़ापा हावी हो चुका था।
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