जालौन। बचपन से एक कहानी सुनते आ रहे हैं कि भगवान शिव ने अपने ही पुत्र श्रीगणेश का सिर धड़ से अलग कर दिया था। (यहां हम उस कहानी के विस्तार में नहीं जाना चाह रहे हैं, उसकी चर्चा फिर कभी होगी) इसके बाद श्रीगणेश के सिर पर एक गज (हाथी) का सिर काटकर लगाया गया। यहां एक बात और उल्लेखनीय है कि विघ्नहर्ता श्रीगणेश को प्रथम पूज्य माना गया है अर्थात् सभी देवों में प्रथम पूज्य श्रीगणेश ही हैं।
पूरा पढ़ें