दीपावली पर ‘सुरभि संदेश’ की ‘मन की बात - अनिल शिवहरे


जालौन। सर्वप्रथम तो ‘सुरभि संदेश’ के पाठकों को उनके इष्ट मित्रों, शुभचिंतकों एवं परिजनों को खुशियों के पर्व 'दीपकोत्सव' की हार्दिक शुभकामनाएं। ‘सुरभि संदेश’ परिवार ईश्वर से कामना करता है कि कोरोना महामारी से अस्त व्यस्त हुए सभी के जीवन में पुनः खुशियों की बहार आए और इस महामारी से शीघ्र ही भारत भूमि ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व मुक्त हो। 

        ‘सुरभि संदेश’ परिवार हर्षित है कि जालौन नगर से प्रकाशित होना वाले एकमात्र समाचार पत्र ‘सुरभि संदेश’ को बीते 8 वर्षों से लगातार आपका स्नेह प्राप्त हो रहा है। ऐसा नहीं है कि नगर से पूर्व में अन्य कोई समाचार पत्र प्रकाशित न हुआ हो, लेकिन दुर्भाग्य रहा कि नगर से प्रकाशित होने वाले अन्य समाचार पत्रों का जीवन काल कुछ माह अथवा अधिक से अधिक एक या दो साल ही रहा है। लेकिन आप पाठकों से सहयोग से शुरू हुआ ‘सुरभि संदेश’ समाचार पत्र तमाम कठिनाइयों के साथ डटकर मुकाबला करते हुए बीते 8 वर्षों से न केवल आपके समक्ष उपस्थित रहा बल्कि अब 'प्रिंट' के साथ ही आनलाईन 'डिजिटल प्रारूप' में भी उपलब्ध है। 

       हमारे पाठक ‘सुरभि संदेश’ को इस नवरात्रि से अपने मोबाइल पर भी पढ़ रहे हैं। यह यात्रा आपके सहयोग के बिना असंभव थी, जिसके लिए ‘सुरभि संदेश’ परिवार न सिर्फ अपने पाठकों वरन् विज्ञापनदाताओं, सहयोगियों, संपादक मंडल, आजीवन सदस्यों, गोरक्षा अभियान के सदस्यों, संवाददाताओं, लेखकों, विचारकों एवं शुभचिंतकों का आभार व्यक्त करता है।


           ‘सुरभि संदेश’ सिर्फ एक 'समाचार पत्र' ही नहीं है बल्कि 'एक विचार' है। आज के इस व्यवसायिक युग में जहां खबरों की कीमत देखकर खबरों का प्रकाशन हो रहा है। कार्पोरेट घरानों द्वारा संचालित होने वाले मीडिया समूहों के लिए जहां व्यवसायिक लाभ वरीयताक्रम में है, वहीं ‘सुरभि संदेश’ के लिए खबरें व्यवसाय नहीं बल्कि 'समाज का आईना' हैं। हमारा प्रयास रहता है कि हम आपके के लिए सकारात्मक खबरें लाएं जो समाज को एक दिशा दे सके। वहीं, समाज की हकीकत से रूबरू कराने के लिए कुछ नकारात्मक खबरों को भी स्थान देना पड़ता है। ताकि उनके माध्यम से बुराइयों को उजागर किया जा सके। 

इस दीपावली में हमें अपने पाठकों को बताते हुए हर्ष हो रहा है कि 'सुरभि संदेश' का डिजिटल प्रारूप शुरू हुए अभी एक माह भी पूरा नहीं हुआ है। इतने कम समय में जहां 'सुरभि संदेश' के नियमित पाठकों की संख्या 1 हजार से अधिक है। वहीं, सुरभि संदेश की खबरों को 3 हजार से अधिक लोगों ने पढ़ा है और इस संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। 

       हर्ष का विषय है कि ‘सुरभि संदेश’ के डिजिटल फाॅर्मेट के पाठक न सिर्फ देश में बल्कि 'जर्मनी, यूएसए, फ्रांस' आदि देशों में भी हैं। (प्रमाण के लिए संलग्न स्क्रीन शाॅट में लाल घेरा देखें) हालांकि आप लोगों की टिप्पणियों की संख्या कुछ कम है। हम अपील करते हैं कि आप अपने सुझावों से हमें अवगत कराते रहा करें, खासकर हमारी कमियों के बारे में अवश्य अवगत कराएं। ताकि हम आगे उनमें सुधार कर सकें। 

सुरभि संदेश के साथ.......... खबर, आपके हित की ।

       आप सुरभि संदेश की आर्थिक न सही लेकिन लेखों को पढ़कर ही सहयोग देते रहें, हम वादा करते हैं कि हम अपने लेखों के माध्यम से आपको निराश नहीं करेंगे। अगले अंकों में हम आपको और भी पठनीय सामग्री से रूबरू कराते रहेंगे। तो बने रहिए .....



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