हम पूछें कि भारत का भाग्य विधाता कौन, और आपका जबाव हो आम आदमी! तो सच में आपसे भोला व्यक्ति कोई नहीं। यदि आप धन कहें तो कुछ माना जा सकता है लेकिन उसे चलाने वाले कौन, उद्योगपति। मगर उनके भी हित कहीं और से सधते हैं। सही समझ रहे हैं आप लकदक खादी में सजे, चेहरे पर लालामी और तमाम परेशानियों का दिखावा कर माथे पर कुछ सिलवटें लिए नेता ही तय करते हैं समय की रफ्तार। मगर नेता बनना इतना आसान तो नहीं।
राजनीति, हमारे देश का एक ऐसा व्यापार (क्योंकि राजनीति भी अब एक व्यापार ही हो गई है) जिसमें यदि आप सफल हो गए तो सात पीढ़ियों तक परिवार के भरण पोषण की चिंता छूट जाएगी। एक ऐसा व्यापार इसमें जितनी लागत होगी उसका कितना गुना आप वसूल करेंगे सोच भी नहीं सकते हैं। अब बात आती है राजनीति में सफलता की, तो इसकी चिंता आप हम पर छोड़ दें। क्योंकि शीघ्र ही आपके नगर में खुलने वाला है ‘राजनेता’ बनाने का प्रशिक्षण केंद्र। जबकि सभी चीजें का प्रशिक्षण हो सकता है तो राजनेता बनने का क्यों नहीं। यदि आप एक बार हमारे संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त कर लेते हैं तो आपको अपने भाग्य का समृद्ध विधाता बनने से कोई नहीं रोक सकता।
इस भीषण बेरोजगारी के दौर में आप अगर आप चुनाव लड़कर पैसा और पावर हासिल करना चाहते हैं तो चिंता की कोई बात नहीं है। पॉवर तो यूं होगा कि जिंदा को मुर्दा और मुर्दा को जिंदा साबित करवा सकते हैं। मिनटों में मीनार को इनार (कुआं) बनवा सकते हैं। पोजिशन ऐसी कि दो-चार बॉडीगार्ड देख, गूंगे भी सलाम बोलेंगे। पुलिस और सरकारी कर्मी तो आपकी जी-हजूरी करेंगे ही। जब आईएएस और आईपीएस आगे-पीछे घूमेंगे तो पिताजी और रिश्तेदारों के बचपन के तानों का सारा हिसाब सूद सहित चुकता हो जाएगा। वही रिश्तेदार जो आपको देखकर चिढ़ते थे अपनी बेटियों के रिश्ते लेकर आपके पास आएंगे। लेकिन इन सभी ख्वाबों को हकीकत में तब्दील करने के लिए आपको क्या करना होगा। इसी विषय पर हमारा यह लेख केंद्रित है।
राजनीति के बारे में यदि आपको ‘कखग’ भी समझ न आता हो तो हमारा दावा है कि न केवल हम आपको राजनीति के कुटिल दांव पेंच सिखाएंगे बल्कि पार्टियों से टिकट दिलाने में भी मदद करेंगे। कोई भी ऐरा गैरा आकर हमारे प्रशिक्षण केंद्र में प्रवेश ले सकता है और कुटिल राजनेता बनकर करोड़ों डकार सकता है। क्योंकि हम आपको धन को ठिकाने लगाने के तरीके भी बताएंगे। (वैसे इस बारे में आपको टेंशन लेेने की जरूरत नहीं है गुरूदक्षिणा स्वरूप भी धन आप हमारे पास रख सकते हैं, उसे ठिकाने हम लगा देंगें)
यह बात सत्य है कि राजनेता बनने के लिए भारतीय संविधान में किसी शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता का प्रावधान नहीं है। इसीलिए संस्थान में भी किताबी शिक्षा को कोई महत्व नहीं दिया जाएगा। जो जुमलेबाजी हम आपको सिखाएंगे बस आप वही सीखते रहिए और घर-परिवार, यार-दोस्तों में इस जुमलेबाजी को आजमाते रहिए। कहते हैं कि करत करत अभ्यास ते, जड़मति होए सुजान इसी प्रकार जुमलेबाजी के अभ्यास मात्र से आप एक कुशल वक्ता बन सकते हैं। राजनेता बनने में आपको सर्वाधिक इसी गुण की आवश्यकता होगी। साथ ही समाज को पीछे धकेलने वाला और खुद को ऊपर उठाने वाला काम करना भी आपको आना चाहिए।
हम हर उस शख्स को नेता बना सकते हैं जिसकी जेब भरी हो और जो दाखिले से पूर्व हमारे संस्थान में आयोजित होने वाली जुमलेबाजी की प्रतियोगिता सफल होगा। अभ्यर्थी प्रवेश के बाद हमारे संस्थान के एक से एक धांसू आइडिए का प्रयोग कर चुनाव में विजय की गौरव गाथा लिख सकेंगे। एक बात और हमारे देश में लगातार कोई ना कोई चुनाव चलते ही रहते हैं। जो गांव में मेंबर और शहरों में वार्ड मेंबर से लेकर राष्ट्रपति पद तक होते हैं। इसलिए हमारे यहां भी इसके लिए वृहद पाठ्यक्रम रखा गया है। इसलिए इन सब चुनावों में भाग लेने वाले संभावित उम्मीदवार हमारे यहां दाखिला ले सकते हैं जो जितनी जल्दी दाखिला लेना उसकी सफलता की संभावना उतनी ही अधिक होगी। हमारा तो सिद्धांत है सबका साथ सबका विकास, दाखिला लेने के बाद अभ्यर्थी नेता बनने के समस्त गुणों से परिपूर्ण होगा।
हमारा दावा है कि हमारे यहां फूटी आंख भी न सुहाने वाले बंदे के सामने चेहरे पर झूठी मुस्कान कैसे लाएं, जलेबीदार व लच्छेदार भाषा और भड़काऊ भाषा में चुनाव प्रचार कैसे करें, नमस्कार के अलावा साष्टांग होने का प्रभावशाली ढंग कौन सा है, किसी सभा के लिए मुफ्त में भीड़ इकठ्ठी कैसे करें, कार्यकर्ताओं और जनता से अपनी प्रशंसा के पुल कैसे बंधवाएं, नेताजी जिंदाबाद के नारे लगाने वाली भीड़ कैसे जुटाएं, गलियों में घूमकर भीड़ को वोट में कैसे बदलें, लोगों को भ्रमित करने का गुण कैसे लाएं, फेंकने के बाद कैसे उसे लपेटें, सफेद झूठ को काले सच में कैसे बदलें, झूठे स्वपन बाग कैसे दिखाएं, चुगली कैसे करें, मीडिया को कैसे साधें, विपक्षियों की गाली कैसे दें, भितरघाती कैसे बनें, वादा खिलाफी में कैसे निपुण हों, अपनी कमी के लिए दूसरों को कैसे जिम्मेदार ठहराएं, बड़े नेताओं की चापलूसी और चरण वंदना कैसे करें,
कब टीका धारण करें और कब टोपी या पगड़ी पहनें या दूसरों को पहनाएं, जो आपके काम का हो उससे कैसे संबंध बनाएं और बिना काम के बंदे से कैसे पीछा छुड़ाएं, कोई अपने घर के सामने गली पक्की बनाने के लिए कहे तो उससे हाईवे बनवाने का वादा कैसे करें, वृद्धा पेंशन बनवाने के लिए सूखे मुंह से इस विषय में सीधे मुख्य सचिव तक पहुंच होने की कैसे फेंके, और काम हो या न हो अपनी ओर से हर संभव मदद करने का दिखावा कैसे करें, मिनटों में पार्टी, विचार और भाषण बदलने की कला कैसे लाएं, कब बल के द्वारा विरोधी की टाँगें तोड़ें और कब छल द्वारा उसके पैर पकड़ें, अप्रिय एवं दुःखद प्रसंगों के द्वारा स्वयं के लिए सुखकर स्थितियां कैसे रचें, जिस थाली में खाएं उसी में छेद कैसे करें, जिस घर में रहना है उसकी ही दीवारों को कैसे खोखला करें, दूसरों को किनारे लगाकर अपना पथ कैसे निष्कंटक करें, रस्सी को साँप और लड्डू को बम कैसे बनाएं, मौका पड़ने पर गधे को कैसे बाप बनाएं और मौका निकलते पर बाप को भी लात कैसे जमााएं आदि विषयों में पारंगत होकर सफलता के नए नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे।
संस्थान में इन सबका प्रशिक्षण देने के लिए उक्त विषयों में पारंगत महारथी राजनेताओं को समय समय पर हमारे संस्थान में बुलाकर उनसे प्रशिक्षण दिलाने की भी व्यवस्था की जाएगी। जैसे बिना डकार मारे चारा कैसे हजम करें विषय पर लालू, पप्पू होने के बाद भी प्रधानमंत्री बनने के सपने कैसे देखें विषय पर राहुल, पिता की विरासत पर कैसे लुटिया डुबाएं विषय पर अखिलेश, फेंकने की कला में कैसे माहिर हों विषय पर मोदी, टिकट बंटवारे में रुपये कैसे वसूलें विषय पर मायावती, धरना कैसे दें और थप्पड़ खाकर कैसे लोगों की सहानुभूति बटोरें विषय पर केजरीवाल, मजदूर हितों की बात की भावनाओं को कैसे भड़काएं विषय पर ममता साथ ही राजीनीति का कखग न आने के बाद भी सीधे रसोईघर से मुख्यमंत्री बनकर प्रदेश का कैसे बेड़ागर्क कैसे करें विषय पर राबड़ी आदि धुरंधरों के व्याख्यान हमारे यहां कराए जाएंगे। हाल ही में हमने एक अंतर्राष्ट्रीय हस्ती ट्रंप को भी नियुक्त किया है जो चुनाव हारने के बाद भी जीते हुए प्रत्याशी को झूठा बनाने के गुण और येन केन प्रकारेण सत्ता न छोड़ने के गुण भी सिखाएंगे।
संक्षेप में कहें तो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रवाद, समाजवाद, क्षेत्रवाद, जातिवाद, उदारवाद, परिवारवाद आदि से परिपूर्ण सभी विषयों पर उचित मार्गदर्शन हमारे संस्थान के अभ्यर्थियों को मिलेगा महज कुछ ही दिनों में आपमें धरना-प्रदर्शन की कला केजरीवाल से बेहतर होगी, मोदी से भी बेहतर तरीके से लम्बी लम्बी फेंकने की क्षमता होगी, विश्वास मानिए आप लालू से बेहतर कॉमेडी कर सकते हैं, राहुल से बेहतर आंख मार सकते हैं, सबसे महत्वपूर्ण आपके ज्ञान चक्षु आजम खान से बेहतर ढंग से ‘अन्तर वस्त्र’ का रंग बता सकते है।
यदि पढाई लिखाई में मन नहीं लगता हो, उदण्डता में माहिर हो, नंबर 1 के मक्कार हों, नशेबाज हों, बेईमान हों, लफ्फाज हों, दिन भर आवारागर्दी करते हों, यदि आप या आपके पुत्र या सगे संबंधियों में इनमें से कोई भी गुण विद्यमान हो तो निश्चित ही आप या आपका पुत्र हमारे संस्थान के लिए ही बने हैं। इसलिए देरी न करें और तत्काल ही हमसे संपर्क कर बेहतर भविष्य का निर्माण करें।
कुछ लोगों द्वारा आरोप लगाया जा रहा है कि राहुल बाबा हमारे इसी संस्थान से चोरी-छिपे ट्यूशन लेते रहे हैं। तो बात दें यह आरोप बिल्कुल ही निराधार व गलत है। यह आरोप हमारी संस्था को बदनाम करने की साजिश है जो कि बिलकुल सफल नहीं होगी।
और हां! मुझे पूर्ण विश्वास है कि हमारे संस्थान में प्रवेश लेकर आपकी बांछें खिल जानी हैं, धन्यवाद की कोई जरुरत नहीं है। आप माननीय, सर्वमाननीय और गणमाननीय बनें यही हमारी हार्दिक कामना है। बस जब बड़ा नेता बनें तो हमें भी याद कर लें। जब बाढ़ या भूकंप आ जाए तो हमारे सूखेपन और भूखेपन को याद कर लेना।
फोटो व लेखक: मनोज गुप्त, सुरभि संदेश के प्रबंध संपादक हैं।
अस्वीकरण: यह लेख मात्र राजनैतिक परिस्थितियों की विषमता को लेकर व्यंग्य के रूप में लिखा गया है। इस लेख के माध्यम से किसी की भावनाओं को आहत करने की कोई मंशा नहीं है। इसलिए इस लेख को मात्र हास्य और व्यंग्य की दृष्टि से ही लें।