आज से 29 वर्ष पहले दीपावली के से कुछ दिन पहले 11 अक्टूबर 1991 का दिन जालौन नगरवासियों के लिए एक दुःस्वप्न की तरह है। उस रोज ऐसा हादसा हुआ कि उस हादसे को लोग आज भी अपने जहन से नहीं उतार पाए हैं। आतिशबाजी की दुकानों से शुरू हुई आग ने कई घरों के दीपक छीन लिए। डेढ़ दर्जन अन्य दुकानों में लगी आग में लगभड़ एक करोड़ का सामान जलकर राख हुआ। तबाही के बाद हर ओर बर्बादी का मंजर नजर आ रहा था। लोग बताते हैं कि हादसे के बाद तीन दिनों तक धुएं के गुबार उठते रहे थे।
पूरा पढ़ेंजालौन। नगर की बेटी ने नीट की परीक्षा उत्तीर्ण कर एमबीबीएस में प्रवेश पाकर नगर का गौरव बढ़ाया। एसबीडीएम इंटर काॅलेज की छात्रा को मिली इस सफलता पर नगर के लोग प्रफुल्लित हैं। लोगों ने उसके घर जाकर बधाइयां दीं। सुरभि संदेश परिवार भी बेटी की इस सफलता पर उसे शुभकामनाएं देता है।
पूरा पढ़ेंताईबाई का महल 17वीं शताब्दी में निर्माण कराया गया था। इस महल में कई गुप्त द्वारों और सुरंगों का निर्माण कराया गया था। यह सुरंग कहां निकलती थीं यह आज भी एक रहस्य बना हुआ है। अंग्रेजों के आधिपत्य के बाद उन्होंने इन सुरंगों के निकलने का स्थान पता लगाने की कोशिश की लेकिन कोई सफलता न मिलने पर उन्होंने सुरंगों के द्वार को बंद करा दिया।
पूरा पढ़ेंहिमारे में नारी की पूजा के लिए एक पूरा पर्व है। इसके बाद भी बलात्कार की घटनाएं सोचने पर विवश करती है कि आखिर गलती कहां कर रहे हैं। पढ़िए पूरा आलेख
पूरा पढ़ें1857 की जंग-ए-आजादी में महिलाओं की भी अहम भूमिका रही। इनमें रानी लक्ष्मीबाई, बेगम हजरत महल, बेगम जीनत महल जैसी राजसी महिलाओं से लेकर पिछड़े तबके तक की महिलाएं थीं। लेकिन इन्हें इतिहास में वह सम्मान और स्थान नहीं मिल सका, जिसकी ये हकदार थीं। इनके प्रशस्ति गीत नहीं गाए गए। इनकी जांबाजी के कारनामे वक्त की गर्त में विलुप्त हो गए। ऐसी ही कुछ वीरांगनाओं के बारे में हम आपको यहां जानकारी देंगे।
पूरा पढ़ेंबुंदेलखंड की झलकारी बाई कौन थी और उन्होंने अग्रेंजी सेना से रानी लक्ष्मीबाई को कैसे बचाया था?
पूरा पढ़ेंसुब्हानी जामा मस्जिद में मौलाना शहाबुद्दीन द्वारा बाद नमाजे जुमा मीलादे मुस्तफा का आयोजन किया गया। जिसमें काफी लोगों ने शिरकत की। उन्होंने मोहम्मद साहब के संदेशों को अमन और भाईचारे का पैगाम बताया। वहीं, बच्चों ने नात ए पाक सुनाकर लोगों के दिलों में जगह बनाई।
पूरा पढ़ेंजालौन। क्या आप विश्वास कर सकते हैं कि एक, दो या दस का नोट आपको लखपति भी बना सकता है। आप भले ही इस पर विश्वास न करें लेकिन यह सौ फीसदी सत्य है कि एक, दो या दस का नोट आपको लखपति भी बना सकता है। इसके लिए जरूरी है कि आपके पास नोट पुराना और दुर्लभ श्रेणी का होना चाहिए।
पूरा पढ़ेंजालौन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बीती 10 दिसंबर को नए संसद भवन का शिलान्यास किया गया। हालांकि शीर्ष अदालत ने लंबित याचिकाओं की वजह से मात्र शिलान्यास की अनुमति दी थी। याचिकाओं के निपटारे तक निर्माण कार्य को मंजूरी नहीं दी गई है। सुरभि संदेश में जानते हैं कि वर्तमान संसद भवन के होते हुए नए संसद भवन की क्यों आवश्यकता है। नए संसद भवन में क्या खास विशेषताएं होंगी। साथ ही वर्तमान संसद भवन के बारे में भी जानने का प्रयास करेंगे।
पूरा पढ़ेंस्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं. नेहरू व प्रथम उप प्रधानमंत्री सरदार पटेल में आकाश-पाताल का अंतर था। नेहरू प्रायः सोचते रहते थे, सरदार पटेल उसे कर डालते थे। नेहरू शास्त्रों के ज्ञाता थे, पटेल शस्त्रों के पुजारी थे। पटेल ने भी ऊंची शिक्षा पाई थी परंतु उनमें किंचित भी अहंकार नहीं था। वे स्वयं कहा करते थे, ‘मैंने कला या विज्ञान के विशाल गगन में ऊंची उड़ानें नहीं भरीं। मेरा विकास कच्ची झोपड़ियों में गरीब किसान के खेतों की भूमि और शहरों के गंदे मकानों में हुआ है।’ जबकि पं. नेहरू को गांव की गंदगी और ग्रामीण जीवन से चिढ़ थी। पं. नेहरू अंतर्राष्ट्रीय ख्याति के इच्छुक थे और समाजवादी प्रधानमंत्री बनना चाहते थे।
पूरा पढ़ेंभारत ने सौंदर्य और ग्लैमर के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित की है। हम कई बार मिस वर्ल्ड और मिस यूनिवर्स का खिताब जीत चुके हैं। हमारे देश के महिलाओं की खूबसूरती केवल इन खिताबों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वो राजनीति में भी अपना योगदान बखूबी दे रही हैं। कई महिलाएं हैं जितनी चर्चा उनकी सुंदरता को लेकर होती है, उतनी ही वह अपने राजनैतिक करियर को लेकर भी चर्चित हैं। आज सुरभि संदेश में आपको राजनीति में सक्रिय इन्हीं महिलाओं के बारे में परिचित करा रहे हैं।
पूरा पढ़ेंजालौन। भारत में राजा-महाराजाओं का जमाना बेशक गुजर गया हो लेकिन राजाओं के शाही परिवार अपनी प्रतिष्ठा, शौर्य, गरिमा, स्वाभिमान, बाहुबल, परोपकार तो कभी अपने असीम सौंदर्य के कारण आज भी याद किए जाते हैं। भारतीय इतिहास राजसी परिवारों के वैभवशाली जीवन और सुंदरता की कथाओं से परिपूर्ण है। बात जब राजा के शौर्य और साहस की होती है तो रानियों और राजकुमारियों के सौंदर्य की चर्चा भी कम नहीं होती है। इन्ही शाही परिवारों में कई रमणीय राजकुमारियां भी हुई हैं। अपनी खूबसूरती और सौंदर्य से मोहित करने वाली ऐसी ही भारतीय सुंदरियों से ‘सुरभि संदेश’ आपको परिचित कराने जा रहा है। जिन्हें अब तक की सबसे खूबसूरत महिलाओं में गिना जाता है...
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